बहुत ऊंचे है यूकलिप्टस ताड़
आसमान और बादलों के पास
उनके करीब ,
पूरे गर्व क साथ
ऊंचे , बहुत ऊंचे ...
घास भी इसी ज़मीन पर पनपती है
जहाँ से यूकलिप्टस और ताड़
को ऊँचाइयाँ मिलती हैं ।
ये पेड़ कहते हैं-
"हे तुच्छ घास की प्रजाति-
ज़रा ऊपर देख हमे
हम कितने ऊंचे और तू इतनी नीची।
तू कभी उठ नहीं सकती। "
घास कुछ नहीं कहती बस सोचती है...
अगर कभी तूफ़ान आता है तो
मैं इस धरती में सिमट जाती हूँ
और सुरक्षित हो रहती हूँ...
हमेशा।
Thursday, June 2, 2011
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