तुम्हारे आंसू अपनी आंखों में ले लूँगा
तुम्हे एक शर्त तो निभानी होगी !
मैंने इनको अपनाया है
तुम,
मुझे अपना लो!
Wednesday, August 8, 2007
अपराध
समर होता नहीं योधाओं का केवल
नहीं परिणाम तत्कालीन दीखता है,
खडे हैं जो तटस्थ इस मूक मंज़र में
इतिहास उनका भी अपराध लिखता है!
नहीं परिणाम तत्कालीन दीखता है,
खडे हैं जो तटस्थ इस मूक मंज़र में
इतिहास उनका भी अपराध लिखता है!
Friday, August 3, 2007
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