" पापा जल्दी आना "
गुडिया कहती है -
कभी उसकी आँखें देखूं
असीम आशाएं
कभी उसका भविष्य
और चला जाता हूँ-
उससे दूर
उसके पास आने को
बार बार आने को ।
पर उसकी आँखें येही कहती हैं -
पापा अब तो आपके बगैर
रहने की आदत हो गई है... ।
Friday, April 3, 2009
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6 comments:
bloging jagat me aapka swaagat hai.
aage aur unnati ke liye meri shubhkaamnaye aapke saath hain.
achi kavita hai aapki.
ek chhotee se prabhaavpurn rachnaa, jisne dil ko chhoo liyaa, swaagat hai aapkaa likhte rahein.
bap hai to sapane hai, bazar ke saare khilone apne hai, narayan narayan
बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्लाग जगत में स्वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्लाग जगत में स्वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
इस भावपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए परशंसा प्राप्त करे /amitjain
ter shabdon ne chhua dil ko aise ke hosh ud gaye
Taarif bhi kese karein hamare to shabd kum pad gaye
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